विनय एक्सप्रेस समाचार, बीकानेर. एसडीएम राजकीय जिला चिकित्सालय के अस्थि रोग विभाग ने चिकित्सा क्षेत्र में एक और कीर्तिमान स्थापित किया है। डॉ. लोकेश सोनी के नेतृत्व में विभाग ने दो जटिल सर्जरी—ग्रोइन फ्लैप सर्जरी और गंभीर विकृति वाले घुटने का प्रत्यारोपण—सफलतापूर्वक कर अपनी विशेषज्ञता का परिचय दिया। दोनों सर्जरी मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत नि:शुल्क की गईं।

पहला मामला: दुर्घटना में क्षतिग्रस्त हाथ का पुनर्निर्माण
पहला मामला पूगल निवासी एक मरीज का है, जिसके हाथ में दुर्घटना के कारण गंभीर चोट लगी थी। चमड़ी और ऊतकों के नष्ट होने से हाथ काटने की नौबत आ गई थी। कई चिकित्सकों ने मरीज को जयपुर रेफर किया, लेकिन मरीज ने जिला अस्पताल के अस्थि रोग विभाग में इलाज करवाया।

डॉ. लोकेश सोनी ने बताया कि डिब्रिजमेंट के बाद ग्रोइन फ्लैप तकनीक का उपयोग किया गया। मरीज के पेट की त्वचा को फ्लैप के रूप में 21 दिन तक हाथ से जोड़ा गया और फिर सफलतापूर्वक अलग कर हाथ का पुनर्निर्माण किया गया। यह सर्जरी जिला अस्पताल में अपनी तरह का पहला मामला है।
दूसरा मामला: जटिल घुटना प्रत्यारोपण
दूसरा मामला एक बुजुर्ग मरीज का है, जो वर्षों से घुटने की गंभीर विकृति और दर्द से पीड़ित थे। घुटने की अत्यधिक टेढ़ी स्थिति के कारण चलना-फिरना मुश्किल था। अस्थि रोग विभाग की टीम ने आधुनिक तकनीकों से जटिल घुटना प्रत्यारोपण किया। डॉ. सोनी ने बताया कि विकृति की गंभीरता के कारण सर्जरी चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन यह पूरी तरह सफल रही और मरीज तेजी से स्वास्थ्य लाभ कर रहा है।
अस्पताल की उपलब्धि और टीम की मेहनत

अधीक्षक डॉ. सुनील हर्ष ने बताया कि जिला अस्पताल में घुटना प्रत्यारोपण सर्जरी नियमित रूप से की जा रही है, लेकिन इस बार की सर्जरी विशेष थी क्योंकि मरीज की विकृति सामान्य से अधिक थी। दोनों सर्जरी में अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. लोकेश सोनी के साथ निश्चेतन विभाग के डॉ. गौरव जोशी, डॉ. प्रवीण पेंसिया और नर्सिंग ऑफिसर स्वरूप सिंह, इंद्रपाल व रामरतन ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
स्थानीय मरीजों को राहत
डॉ. सुनील हर्ष ने कहा, “ग्रोइन फ्लैप जैसी जटिल सर्जरी और विकृति वाले घुटने का प्रत्यारोपण जिला अस्पताल की बढ़ती क्षमता को दर्शाता है। यह स्थानीय मरीजों के लिए बड़ी राहत है, जो अब जटिल इलाज के लिए अन्य शहरों पर निर्भर नहीं रहेंगे।
यह उपलब्धि न केवल बीकानेर के चिकित्सा क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है, बल्कि यह सरकारी अस्पतालों की सुदृढ़ होती स्वास्थ्य सेवाओं का भी प्रमाण है।













