वादा निभाया, सम्मान बढ़ाया : बीकानेर पश्चिम विधायक जेठानंद व्यास ने सर्व समाज की 114 बेटियों को भेंट की 11-11 हजार की शगुन राशि

विनय एक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। बीकानेर पश्चिम के विधायक जेठानंद व्यास ने अपनी माता-पिता की स्मृति में स्थापित शिवकुमार मोहन प्यारी जनकल्याण ट्रस्ट के माध्यम से एक सराहनीय पहल की है। ट्रस्ट ने 10 फरवरी को ओलंपिक सावे (पुष्करणा ब्राह्मण समाज की प्रसिद्ध सामूहिक विवाह परंपरा, जिसे ‘शादियों का ओलंपिक’ भी कहा जाता है) के अवसर पर विवाह बंधन में बंधने वाली 114 बेटियों को 11-11 हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की।

यह कार्यक्रम रविवार, 22 फरवरी को पुष्करणा भवन में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 12 लाख 54 हजार रुपये की राशि वितरित की गई। विधायक जेठानंद व्यास ने जनसुनवाई केंद्र पर प्राप्त आवेदनों के आधार पर यह सहायता सभी समाज की बेटियों को उपलब्ध कराई। इसमें पुष्करणा ब्राह्मण समाज की 94, अन्य ब्राह्मण वर्ग की 5, माली समाज की 2, सोनी समाज की 2, सुथार समाज की 2, वाल्मीकि समाज की 2, तथा स्वामी, रावत, रेगर, राजपूत और कुम्हार समाज की एक-एक बेटी शामिल थीं।

विधायक व्यास ने कहा कि ये सभी बेटियां उनकी बहनें और बेटियां हैं। उन्होंने इनके सम्मान में विवाह के दिन कन्यादान तक उपवास भी रखा था और भविष्य में भी किसी भी प्रकार की सहायता के लिए तत्पर रहेंगे।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय सह संपर्क प्रमुख योगेंद्र भाईसाहब थे। अन्य प्रमुख अतिथियों में संत सरजू दास महाराज, पंडित रामेश्वरानंद महाराज, पुजारी बाबा (जुगल किशोर ओझा), समाजसेवी राजेश चूरा, मनमोहन सिंह यादव, शिक्षाविद रामजी व्यास, टेकचंद बरडिया, शशि शर्मा, कमल व्यास, भंवरलाल आचार्य, जय नारायण व्यास आदि शामिल रहे।

संत सरजू दास महाराज ने इस पहल को बेटियों के प्रति सम्मान और संबल का प्रतीक बताया। रामेश्वरानंद महाराज ने पुष्करणा समाज के ओलंपिक सावे की गरिमामय परंपरा की सराहना की और इस सहायता को उत्कृष्ट कदम करार दिया। पुजारी बाबा ने समाज की परंपराओं को मजबूत करने वाली ऐसी पहलों का महत्व बताया।

ट्रस्ट के दुर्गाशंकर व्यास ने स्वागत उद्बोधन दिया, जबकि अध्यक्ष कमल किशोर व्यास ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन राजा सांखी ने किया।

यह पहल बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की भावना को मजबूत करने के साथ-साथ सामाजिक एकता और परंपराओं के संरक्षण का बेहतरीन उदाहरण है। विधायक जेठानंद व्यास की यह पहल स्थानीय स्तर पर काफी चर्चा में है और समाज के विभिन्न वर्गों से प्रशंसा प्राप्त कर रही है।