रतनगढ़ में डीटीओ इंस्पेक्टर की बदतमीजी और मारपीट: शर्मनाक घटना ने उठाए सवाल !

विनय एक्सप्रेस समाचार, चूरू.राजस्थान के चूरू जिले के रतनगढ़ में परिवहन विभाग (डीटीओ/आरटीओ) के एक इंस्पेक्टर द्वारा ट्रक चालक के साथ हुई कथित मारपीट का मामला अब सुर्खियों में है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में इंस्पेक्टर द्वारा ट्रक ड्राइवर को सिर से मारकर घायल करने और बदतमीजी करने का दृश्य साफ दिख रहा है, जिसने लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है।

ये था मामला

पीड़ित ट्रक चालक (उत्तर प्रदेश निवासी अहसान अहमद खान) ने रतनगढ़ थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। आरोप हैं कि ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े विवाद के दौरान इंस्पेक्टर सुरेश कुमार बिश्नोई (या सुरेश विश्नोई/सुरेश पूनिया के नाम से भी उल्लेख) ने पहले मोबाइल छीन लिया, फिर बहस के बाद सिर से हमला कर चालक को लहूलुहान कर दिया। वायरल वीडियो में देखा गया कि चालक जमीन पर गिर गया, आंख पर गंभीर चोट आई, और इंस्पेक्टर ने बाद में “हॉस्पिटल ले चलते हैं” जैसे शब्द कहे, लेकिन मौके पर मौजूद लोगों ने विरोध जताया।

इसके अलावा, पीड़ित ने अवैध जुर्माना वसूली, धमकाने और सरेआम पिटाई के गंभीर आरोप लगाए हैं। वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोग और सोशल मीडिया यूजर्स ने पीड़ित का समर्थन किया, जिससे मामला और गरमा गया। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

परिवहन विभाग के लिए सबक

यह घटना राजस्थान में परिवहन विभाग के कुछ अधिकारियों/कर्मचारियों के बदतमीजी स्वभाव और दादागिरी को उजागर करती है। ट्रक चालक जैसे गरीब और मेहनतकश वर्ग को रूटीन चेकिंग के नाम पर उत्पीड़न, अवैध वसूली और शारीरिक हिंसा का सामना करना पड़ता है। ऐसे मामलों में विभागीय अनुशासन की सख्त कमी दिखती है।

परिवहन विभाग के आला अधिकारी (आरटीओ/डीटीओ प्रमुख, परिवहन आयुक्त) को चाहिए कि:

– अधीनस्थ कर्मचारियों के व्यवहार पर तत्काल नकेल कसे।

– नियमित ट्रेनिंग और संवेदनशीलता कार्यक्रम चलाए।

– ऐसी घटनाओं पर शून्य सहिष्णुता नीति अपनाए, ताकि जनता का भरोसा बना रहे।

– जांच पूरी पारदर्शिता से हो और दोषी पर सख्त विभागीय/कानूनी कार्रवाई हो।

ऐसी घटनाएं न केवल विभाग की छवि खराब करती हैं, बल्कि आम नागरिकों में कानून-व्यवस्था के प्रति अविश्वास भी पैदा करती हैं। उम्मीद है कि इस मामले में जल्द निष्पक्ष कार्रवाई होगी और भविष्य में ऐसी शर्मनाक हरकतें रुकेंगी।