

विनय एक्सप्रेस समाचार, बीकानेर। शब्दमय रंग संस्थान ने कला साहित्य संगम के तहत अपनी कला श्रृंखला-2 का आयोजन किया, जिसमें बीकानेर के वरिष्ठ चित्रकार श्री हरि गोपाल सनू हर्ष के निर्देशन में कविता और चित्रकला का अनूठा संगम देखने को मिला। इस कार्यक्रम में बीकानेर के ख्यातनाम कवि, साहित्यकार और लेखक संजय आचार्य “वरुण” की कविता “क्यू सखे गिला करें” का वाचन हुआ।
वाचन के दौरान चित्रकार राम कुमार भादाणी ने कविता के शब्दों को रंगों में ढालते हुए अपने कैनवास पर एक्रेलिक रंगों और कुंची के माध्यम से एक आकर्षक पेंटिंग सृजित की। इस अनूठे प्रयोग ने कविता और चित्रकला के बीच एक सुंदर तालमेल प्रस्तुत किया।
संस्थान के चित्रकार धर्मा स्वामी ने बताया कि शब्दमय रंग संस्थान में प्रत्येक सप्ताह बीकानेर के विभिन्न कवियों की कविताओं के साथ चित्रों का संयोजन किया जाएगा, ताकि कला और साहित्य के इस संगम को और अधिक समृद्ध किया जा सके।
कार्यक्रम के अंत में संस्थान के चित्रकार गणेश रंगा ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उनका आभार व्यक्त किया। यह आयोजन कला और साहित्य प्रेमियों के लिए एक यादगार अनुभव रहा।













